अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से संबंधित सात महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं। इन परिवर्तनों को सरल भाषा में नीचे समझाया गया है…
1. कॉमर्शियल सिलेंडर 70 रुपए महंगा
बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 70 रुपए की वृद्धि कर दी है।
असर: इस वृद्धि के कारण रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च कुछ बढ़ेगा, जिससे वे चाय और नाश्ता महंगे कर सकते हैं। शादी समारोह की कैटरिंग पर भी इसका असर पड़ सकता है, जिससे यह सेवा महंगी हो सकती है।
2. वेरिफिकेशन नहीं तो LPG सब्सिडी नहीं
बदलाव: 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी दर पर LPG गैस सिलिंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA / e-KYC) पूरा करना आवश्यक होगा। जिन ग्राहकों का e-KYC पहले से पूरा हो चुका है, उनके लिए कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
असर: जिन ग्राहकों ने अब तक बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराया है, वे सब्सिडी दर पर गैस बुक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, गैस सिलिंडर की आपूर्ति या बुकिंग जारी रहेगी। ग्राहक जैसे ही अपना e-KYC पूरा कर लेंगे, वे पुनः सब्सिडी वाले दामों पर सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे।
UPI पेमेंट पर मर्चेंट चार्ज
परिवर्तन: 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शनों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा। जिन दुकानदारों की महीने भर में UPI से कुल आमदनी ₹1 लाख तक है, उनके लिए सभी लेन-देन पूरी तरह मुफ्त होंगे, भले ही पेमेंट ₹2,000 से अधिक का क्यों न हो।
प्रभाव: इसका आम ग्राहकों पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। यदि कोई छोटा व्यापारी लगातार 3 महीने तक ₹1 लाख से अधिक का UPI पेमेंट प्राप्त करता है, तो बैंक उसे बड़े व्यापारियों की सूची में शामिल करेंगे और उस पर भी चार्ज लागू किया जाएगा। पर्सन टू पर्सन लेन-देन मुफ्त रहेगा।
4. हवाई ईंधन महंगा
बदलाव: हवाई जहाजों के लिए उपयोग किया जाने वाला एविएशन टर्बाइन फ्यूल अब ₹16 प्रति लीटर महंगा हो गया है। घरेलू एयरलाइंस के लिए इसकी कीमत ₹121 से बढ़कर ₹137 हो गई है।
असर: ईंधन का खर्च एयरलाइंस की संचालन लागत का लगभग 40% होता है। ईंधन के महंगे होने से एयरलाइंस किराया बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं, जिससे त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा महंगी होने की संभावना है।
5. AC और टीवी जैसे उपकरण आज से 8% तक महंगे हो जाएंगे।
बदलाव: 1 अक्टूबर से कंपनियां AC, LED टीवी, वॉशिंग मशीन, और फ्रिज की कीमतों में 3% से 8% तक वृद्धि कर रही हैं। 2026 में यह कंपनियों की तरफ से तीसरी बार की गई बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम, और क्रूड ऑयल के कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और मुद्रा के उतार-चढ़ाव के कारण कंपनियों ने यह निर्णय लिया है। 2026 में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी करेगी।
असर: त्योहारों के दौरान इसकी बिक्री पर कोई बड़ा प्रभाव तुरंत नहीं दिखेगा। डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास 1 से 1.5 महीने का पुराना स्टॉक है, जो पुरानी दरों पर खरीदा गया था। ग्राहक दीवाली तक इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पुरानी कीमतों पर खरीद सकेंगे।
6. रेपो रेट पर फैसला
बदलाव: भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होगी। 7 अक्टूबर को रेपो रेट के संबंध में निर्णय लिया जाएगा कि उसमें बदलाव किया जाए या नहीं। इस बार रेपो रेट में 0.25% की वृद्धि संभव है। मौजूदा स्थिति: अगस्त की समीक्षा के बाद से रेपो रेट 5.25% पर स्थिर है।
असर: अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंक होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ा देंगे, जिससे EMI महंगा हो जाएगा। इसके विपरीत, यदि रेट घटता है, तो EMI सस्ता हो सकता है।
7. SBI के ATM से पैसे निकालने के नए नियम
बदलाव: SBI के सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM या ADWM मशीन का उपयोग करने पर अब महीने में केवल 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन की सुविधा होगी, जबकि पहले यह सीमा 10 थी। इसमें बैलेंस चेक करना और पैसे निकालना दोनों शामिल हैं।
असर: हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर ₹15 + GST का शुल्क लगेगा।

