सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह निर्णय बीजेपी विधायक दल की बैठक में लिया गया, जहां सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से उनके नाम को मंजूरी दी। अब वे जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है, खासकर क्योंकि इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया।
कोलकाता में कल आयोजित होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
राज्यपाल से सरकार बनाने का आमंत्रण मिलने के बाद शनिवार सुबह 11 बजे कोलकाता में शुभेंदु अधिकारी एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी को दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल हुआ है, जिससे पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त
7 मई को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने 17वीं विधानसभा को भंग कर दिया था, जिसके साथ ममता बनर्जी की सरकार भी समाप्त हो गई। हालांकि ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, लेकिन विधानसभा का कार्यकाल पूरा होते ही राज्यपाल ने इसे औपचारिक रूप से भंग कर दिया। इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया के सभी रास्ते खुल गए। अब शनिवार को शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
शुभेंदु को मुख्यमंत्री बनाए जाने की प्रमुख वजहें
शुभेंदु अधिकारी भारतीय राजनीति में एक प्रभावशाली और रणनीतिक नेता के रूप में पहचान रखते हैं। उन्होंने न केवल एक बार, बल्कि दो बार पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को पराजित किया है—पहले 2021 में नंदीग्राम में और हाल में ममता के गढ़ भवानीपुर में। इन प्रमुख जीतों ने उनकी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर दिया। शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी की बड़ी चुनावी सफलताओं के मुख्य सूत्रधारों में से एक माना जाता है, जिन्होंने पार्टी को 207 सीटों का आंकड़ा छूने तक पहुंचाया। इसके अलावा, वह नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव का भी उन्हें लाभ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विशेष विश्वासपात्र होने के कारण उनकी दावेदारी और अधिक प्रबल हो जाती है।

